Amit shah
गांधीनगर, 14/10/2026
गांधीनगर नगर निगम (GMC) चुनाव 2026 के नतीजे घोषित हो चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 44 में से 38 सीटों पर कब्जा जमाया और एक बार फिर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता बरकरार रखी। हालांकि, पिछले चुनाव की 41 सीटों के मुकाबले इस बार बीजेपी को 3 सीटों का नुकसान हुआ है, लेकिन पार्टी का वोट शेयर 10% बढ़ा है। इस बड़ी जीत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव आयोग की ‘SIR’ (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया को लेकर आंदोलन कर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP): 38 सीटें (पूर्ण बहुमत)
कांग्रेस (Congress): 5 सीटें (विपक्ष का पद मिलना तय)
निर्दलीय (Independent): 1 सीट
आम आदमी पार्टी (AAP): सूपड़ा साफ (कई उम्मीदवारों की जमानत जब्त)
एंटी-इंकंबेंसी (सत्ता विरोधी लहर) और शहर में बुनियादी सुविधाओं (सड़क और जल निकासी) को लेकर नागरिकों के असंतोष के बावजूद बीजेपी ने अपनी पकड़ मजबूत रखी है। वहीं, कांग्रेस ने पिछले चुनाव के मुकाबले 3 सीटें अधिक जीतकर (कुल 5 सीटें) नगर निगम में मुख्य विपक्षी दल का दर्जा हासिल कर लिया है। 2021 के चुनावों में शानदार प्रदर्शन करने वाली ‘आप’ इस बार पूरी तरह धराशाई हो गई।
अमित शाह का राहुल गांधी पर करारा तंज
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने लोकसभा क्षेत्र गांधीनगर के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि गुजरात की तीन नगर पालिकाओं और नगर निगमों की कुल 104 सीटों में से बीजेपी ने 90 सीटें जीतकर साबित कर दिया है कि जनता पीएम नरेंद्र मोदी के साथ मजबूती से खड़ी है। राहुल गांधी के बयानों पर पलटवार करते हुए शाह ने कहा: “मैं राहुल जी को याद दिलाना चाहता हूं कि कांग्रेस गुजरात में पिछले 41 सालों से एक भी चुनाव नहीं जीत पाई है। उन्होंने आखिरी बार 1985 में यहां जीत दर्ज की थी। क्या पिछले 41 साल से मिल रही लगातार हार भी ‘SIR’ का ही नतीजा है? आप हमेशा बीजेपी और मोदी जी की लोकप्रियता को नकारने के लिए बहाने ढूंढते हैं। कांग्रेस को आत्म-मंथन करना चाहिए कि जिस राज्य में कभी उनकी मजबूत सरकार थी, वहां आज उनका यह हाल क्यों है।”
वार्ड नंबर 11 में हंगामा और आप का सूपड़ा साफ
मतगणना पर विवाद: नतीजों के दौरान वार्ड नंबर 11 में कांग्रेस उम्मीदवारों ने नियमों को लेकर आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि आरक्षित सीट पर सबसे अधिक वोट पाने वाले उम्मीदवार को जनरल सीट का विजेता माना जाना चाहिए। हालांकि, चुनाव अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए बीजेपी के सभी चारों उम्मीदवारों को विजयी घोषित कर दिया। वहीं साल 2021 के चुनावों में कांग्रेस को पीछे छोड़ने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) इस बार पूरी तरह बेअसर रही। पार्टी के उम्मीदवारों को बेहद कम वोट मिले और कई प्रत्याशियों की जमानत तक जब्त हो गई।
