Shyam Singh Rana
चंडीगढ़ , 12/10/2026
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अन्नदाता के एक-एक दाने की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा मंडियों व खरीद केंद्रों पर पीने के पानी, शौचालय, पानी की निकासी और हेल्प डेस्क जैसी मूलभूत सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
श्री राणा ने कहा कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए खरीफ खरीद सीजन 2026-27 के दौरान धान की खरीद 1 अक्टूबर की बजाय 29 सितंबर 2026 से आरंभ कर दी गई थी, जो 15 नवंबर 2026 तक निर्धारित है। भारत सरकार द्वारा धान (कॉमन) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और धान (ग्रेड-ए) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। सुचारू खरीद के लिए राज्य में 278 मंडियां, खरीद केंद्र और अतिरिक्त खरीद स्थल खोले गए हैं तथा सभी को जियो-फेंस किया गया है। इन जगहों पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हैफेड और हरियाणा राज्य भंडारण निगम द्वारा खरीद कार्य किया जा रहा है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने बताया कि इस वर्ष भारत सरकार द्वारा हरियाणा के लिए 58 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, साथ ही 32.5 लाख मीट्रिक टन (10 प्रतिशत ब्रोकन के साथ) सीएमआर (CMR) की डिलीवरी भारतीय खाद्य निगम को जारी करने का लक्ष्य है।
उन्होंने बताया कि कल 11 अक्टूबर 2026 तक राज्य की मंडियों में लगभग 17.25 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, जिसमें से खरीद संस्थाओं द्वारा 10.78 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। खरीदे गए धान के उठान की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है और अब तक 4.19 लाख मीट्रिक टन धान का उठान किया जा चुका है। इसके अलावा, पिछले वर्ष राज्य में 1458 राइस मिलरों द्वारा सीएमआर का कार्य किया गया था, जबकि इस वर्ष 10 अक्टूबर 2026 तक 1415 राइस मिलरों ने सीएमआर कार्य हेतु पंजीकरण करवा लिया है।
उन्होंने आगे बताया कि धान में नमी की समस्या को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत धान की हार्वेस्टिंग हेतु प्रोहिबिटरी ऑर्डर भी जारी किए जा चुके हैं। श्री श्याम सिंह राणा ने दोहराया है कि किसानों को अपनी फसल की बिक्री में किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं आने दी जाएगी।
