rahul gandhi
नई दिल्ली, 11/10/2026
दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं और विपक्षी नेताओं पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठा रहे युवाओं पर पुलिस और सत्ता पक्ष के लोगों द्वारा हमला किया गया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन है।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च की घोषणा
लोकतांत्रिक अधिकारों पर हुए इस हमले के विरोध में राहुल गांधी ने सोमवार को विपक्षी दलों, नागरिक समाज समूहों और आम जनता के साथ मिलकर सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकालने का एलान किया है।
CJI को सौंपा जाएगा ज्ञापन: प्रदर्शनकारी भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को ज्ञापन सौंपेंगे।
SIR पर रोक की मांग: मतदाता सूचियों के ‘विशेष गहन संशोधन’ (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने की मांग की जाएगी।
CEC का इस्तीफा: कथित चुनावी गड़बड़ियों को खत्म करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी।
“यह वह भारत नहीं है जो हम चाहते हैं”
रविवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा “कल देश के युवा दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के लिए निकले थे। वे अपने दिलों में सद्भावना लेकर आए थे, न कि नफरत या क्रोध। इसके बावजूद पुलिस और असामाजिक तत्वों ने उन पर हमला किया। यह वह भारत नहीं है जो हम देखना चाहते हैं।”
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि सोमवार को होने वाला यह विरोध प्रदर्शन किसी एक दल, जाति, धर्म या राज्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी नागरिकों को एक मंच पर लाएगा।
“कायर हमें डरा नहीं सकते”
केंद्र सरकार और संघ नेतृत्व पर कड़ा प्रहार करते हुए राहुल गांधी ने कहा “नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजीत डोवाल और मोहन भागवत भारत की आवाज को दबा नहीं सकते। ये कायर हमें डरा नहीं सकते, इन्हें पीछे हटना ही होगा। डरो मत, कल पूरा भारत सुप्रीम कोर्ट की ओर कदम बढ़ाएगा।”
प्रमुख विपक्षी नेता लिए गए थे हिरासत में
उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी का यह बयान दिल्ली में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा प्रमुख विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद आया है। हिरासत में लिए गए नेताओं में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल थे।
