Jantar Mantar protest
नई दिल्ली, 10/10/2026
शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन और मार्च के मद्देनजर दिल्ली पुलिस की ओर से की गई कड़ी बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। नोएडा, गाजियाबाद और पूर्वी दिल्ली से गंतव्य की ओर निकल रहे लोगों को रास्तों पर रोके जाने के कारण भारी जाम और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
बैरिकेडिंग और प्रदर्शन के मुख्य बिंदु
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मिंटो ब्रिज और भाजपा मुख्यालय के पास हंगामा: जंतर-मंतर की तरफ बढ़ने से रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास मिंटो ब्रिज और पंडित दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित भाजपा मुख्यालय के पास प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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पुलिस की कार्रवाई: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने प्रदर्शनकारियों और नारेबाजी कर रहे लोगों को खदेड़ा। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों, यूट्यूबर्स और पत्रकारों को हिरासत में लिया गया।
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यातायात और मार्ग परिवर्तन: कनॉट प्लेस और बाबा खड़क सिंह मार्ग समेत कई मुख्य मार्गों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी थी, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई।
आम नागरिकों की बढ़ी मुश्किलें
सख्त सुरक्षा और रास्तों के बंद होने से दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और अस्पताल जाने वाले मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ी
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पैदल चलने की मजबूरी: कई नौकरीपेशा लोगों को आईटीओ और आसपास के इलाकों से कई किलोमीटर तक पैदल चलकर अपने कार्यालयों तक पहुंचना पड़ा।
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समय और वेतन की चिंता: काम पर जाने के लिए निकलीं एक महिला ने बताया कि रास्तों के बंद होने और लंबे फेरबदल के कारण वे समय पर नहीं पहुंच पाईं, जिससे उनके जरूरी कार्य और वेतन पर असर पड़ने की आशंका है।
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चिकित्सकीय अपॉइंटमेंट में बाधा: अस्पताल में डॉक्टर से मिलने जा रहे कई लोगों को पुलिस द्वारा रास्ता बदलने के निर्देश दिए गए, जिसके कारण वे अपने निर्धारित समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सके।
दिल्ली के प्रमुख इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने के बावजूद आम जनता को पूरे दिन यातायात और आवागमन से जुड़ी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
