supreme court
नई दिल्ली, 07/10/2026
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में हुए नगर निगम और नगर काउंसिल चुनावों में भारी धांधली पाए जाने के बाद पटियाला और मोगा जिलों के कुल 50 वार्डों के चुनावों को रद्द कर दिया है। चीफ जस्टिस, जस्टिस जोएमल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने आदेश दिया है कि इन सभी वार्डों में नए सिरे से निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं। अदालत ने यह सख्त फैसला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की सेवानिवृत्त जज जस्टिस निर्मलजीत कौर की अध्यक्षता वाले ‘फैक्ट-फाइंडिंग कमीशन’ (जांच आयोग) की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए सुनाया है।
विपक्षी उम्मीदवारों के साथ हुई थी धक्का-मुक्की और धांधली
विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप लगाए थे। याचिकाकर्ताओं की शिकायत थी कि नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान उन्हें जबरन रोका गया, मारपीट की गई और उनके पर्चे फाड़ दिए गए।
अदालत ने अपने आदेश में उल्लेख किया, “याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों, पुलिस अधिकारियों और अज्ञात लोगों ने उन्हें नामांकन फॉर्म जमा करने से रोका, जिसमें शारीरिक हमला करना, कपड़े फाड़ना और पर्चे छीनना शामिल था।”
जांच आयोग की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
सुप्रीम कोर्ट ने 24 मार्च 2025 को दोनों पक्षों की सहमति से सेवानिवृत्त जज जस्टिस निर्मलजीत कौर की अगुवाई में जांच आयोग का गठन किया था। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि:
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पटियाला नगर निगम: 28 वार्डों में चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से बाधित हुई। कुछ वार्डों में फर्जी और मल्टीपल वोटिंग के भी पुख्ता सबूत मिले।
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धर्मकोट नगर काउंसिल: 7 वार्डों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
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बाघापुराना नगर काउंसिल: सभी 15 वार्डों में चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह दूषित पाई गई।
पंजाब सरकार ने जांच रिपोर्ट पर दी सहमति
मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने अदालत के सामने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को जांच आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करने में कोई आपत्ति नहीं है।
इन वार्डों में दोबारा होगी वोटिंग
1. पटियाला नगर निगम (कुल 28 वार्ड)
उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से जबरन रोकने और मतदान में धांधली के कारण वार्ड नंबर 1, 4, 6, 12, 14, 16, 22, 26, 28, 32, 33, 34, 36, 37, 38, 40, 41, 43, 44, 45, 46, 48, 50, 51, 52, 53, 55, और 57 के चुनाव रद्द किए गए हैं। इसके अलावा वार्ड नंबर 15 और 58 में हुई धांधली को ध्यान में रखते हुए इन सभी प्रभावित 28 वार्डों में नए सिरे से वोट डाले जाएंगे।
2. मोगा जिला (कुल 22 वार्ड)
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नगर काउंसिल धर्मकोट: 7 वार्डों (वार्ड नंबर 1, 2, 3, 4, 7, 9, और 13) में नामांकन रोकने या गलत तरीके से खारिज करने के कारण चुनाव रद्द हुए।
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नगर काउंसिल बाघापुराना: सभी 15 वार्डों के चुनाव पूरी तरह रद्द कर दिए गए हैं, क्योंकि वहां विपक्षी उम्मीदवारों को योजनाबद्ध तरीके से नामांकन दाखिल करने से रोका गया था।
निष्पक्ष चुनाव के लिए सख्त निर्देश और वीडियोग्राफी
सुप्रीम कोर्ट ने नई चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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निगरानी समिति और ऑब्जर्वर: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को एक हफ्ते के भीतर रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक मॉनिटरिंग कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट बार के वरिष्ठ सदस्य बतौर ऑब्जर्वर तैनात रहेंगे।
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अनिवार्य वीडियोग्राफी: नामांकन पत्र दाखिल करने, स्क्रूटनी, चुनाव चिह्न आवंटन और मतदान की पूरी प्रक्रिया की ऑब्जर्वर की मौजूदगी में वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
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6 हफ्ते की समय-सीमा: पूरी चुनाव प्रक्रिया को 6 हफ्तों के भीतर पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।
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परिणामों पर रोक: जब तक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस चुनाव प्रक्रिया के पूरी तरह निष्पक्ष होने से संतुष्ट नहीं हो जाते, तब तक नतीजों की घोषणा नहीं की जाएगी।
