धूरी, 7/10/2026
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत लाल लकीर (लाल डोरा) के भीतर स्थित घरों के मालिकों को संपत्ति के मालिकाना हक प्रमाणपत्र (प्रॉपर्टी कार्ड) सौंपे। धूरी में आयोजित एक विशाल रैली और समारोह में प्रमाणपत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक पहल से पंजाब को ‘लाल लकीर’ के झंझटों से मुक्ति मिल रही है और जल्द ही लगभग 4,000 गांवों में पक्की रजिस्ट्रियों का काम शुरू हो जाएगा।
‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के मुख्य बिंदु एवं लाभ
-
कानूनी पहचान और मालिकाना हक: जिन मकानों के पास पहले कोई आधिकारिक सरकारी रिकॉर्ड नहीं था, उन्हें अब आधिकारिक राजस्व रिकॉर्ड (Record of Rights) में दर्ज किया जाएगा।
-
बैंक लोन और कानूनी सुरक्षा: संपत्ति कार्ड मिलने से अब लोग जरूरत पड़ने पर अपने घरों पर बैंकों से लोन ले सकेंगे। साथ ही, आधिकारिक नक्शे होने से संपत्तियों की स्पष्ट हदबंदी होगी और पुराने पारिवारिक विवाद खत्म होंगे।
-
गरीब और दलित परिवारों को सबसे ज्यादा लाभ: यह कदम उन बेजमीन और गरीब परिवारों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होगा, जिनके पास लाल लकीर क्षेत्र के अलावा कोई अन्य जमीन नहीं है।
-
ड्रोन मैपिंग और पारदर्शी तकनीक: योजना के तहत आधुनिक ड्रोन तकनीक और जीपीएस (GPS) लोकेशन का इस्तेमाल करके घरों की मैपिंग की जा रही है। सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ड्राफ्ट नक्शे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किए जाते हैं और मालिकों को व्हाट्सएप पर विवरण प्राप्त होते हैं।
-
संपत्ति कार्ड की विशेषताएं: जारी किए जा रहे प्रॉपर्टी कार्ड में सर्वे यूनिट नंबर, जीपीएस लोकेशन, ड्रोन मैप और ऑनलाइन वेरिफिकेशन के लिए क्यूआर कोड (QR Code) मौजूद है।
चरणबद्ध तरीके से लागू होगी योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह लोक-हितैषी योजना ‘मिशन मोड’ के तहत लागू की जा रही है और इस साल के अंत तक पूरे पंजाब को इसके दायरे में लाया जाएगा:
-
पहला चरण: पंजाब के 2,295 गांवों (जिसमें संगरूर जिले के 221 गांव शामिल हैं) में संपत्ति कार्ड बांटे जाएंगे।
-
दूसरा चरण: राज्य के 1,668 गांवों में कार्ड वितरित किए जाएंगे।
-
तीसरा और चौथा चरण: तीसरा चरण नवंबर और चौथा चरण दिसंबर में शुरू किया जाएगा।
धूरी को 47 करोड़ का जल प्रोजेक्ट और विकास कार्य
धूरी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की कि धूरी को ₹47 करोड़ की लागत वाले जल प्रोजेक्ट का तोहफा दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं:
-
राज्य में कृषि योग्य 88% जमीन और टेल (अंतिम छोर) तक नहरी पानी पहुंचाया गया है, जिससे किसानों की फसल पैदावार में बढ़ोतरी हुई है।
-
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में पंजाब अग्रणी स्थान पर है और लोगों का बिजली बिल ‘जीरो’ आ रहा है।
-
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वे केंद्रीय एजेंसियों की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और पंजाब की निस्वार्थ सेवा करना ही उनका एकमात्र मकसद है।
