चंडीगढ़, 7/10/2026
हरियाणा लगातार तीसरे साल स्वैच्छिक रक्तदान में राज्यों में पहले स्थान पर रहा। राज्य ने 3.30 लाख यूनिट और 2,000 कैंप के लक्ष्य के मुकाबले 8,189 कैंप लगाकर 5.89 लाख यूनिट ब्लड इकट्ठा किया। हरियाणा राज्य ने 92% स्वैच्छिक रक्तदान दर हासिल की। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राज्य ने ब्लड सेंटर्स के लिए अपना पहला आपदा प्रबंधन प्लान भी तैयार किया है ताकि ब्लड की सुरक्षा और इमरजेंसी की तैयारी बनी रहे।
राज्य को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ब्लड ट्रांसफ्यूजन सर्विस ने 2025 के दौरान प्रति दस लाख आबादी पर सबसे ज़्यादा रक्तदान दर्ज करने के लिए सम्मानित किया। हरियाणा राज्य ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल को यह अवॉर्ड 1 अक्टूबर को नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के मौके पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन सर्विस, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित एक समारोह में मिला था।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि लगातार तीन वर्षों तक स्वैच्छिक रक्तदान में देश में पहला स्थान हासिल करना हरियाणा के लिए बहुत गर्व की बात है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय ब्लड सेंटर की टीमों, स्वैच्छिक दानदाताओं, युवा नेटवर्क, एनजीओ, रेड क्रॉस और ब्लड ट्रांसफ्यूजन सर्विस से जुड़े अन्य लोगों को दिया।
हरियाणा ने 2,000 के लक्ष्य के मुकाबले 8,189 रक्तदान कैंप आयोजित किए, जो लक्ष्य से चार गुना से भी ज़्यादा है। इसने केंद्र के 3.30 लाख यूनिट के लक्ष्य के मुकाबले 5.89 लाख यूनिट इकट्ठा किए, जो लक्ष्य से लगभग 78% ज़्यादा है। राज्य के कुल ब्लड कलेक्शन में स्वैच्छिक रक्तदान का हिस्सा 92% रहा। उन्होंने बताया कि राज्य में 162 ब्लड सेंटर चल रहे हैं, जिनमें से 92% में कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की सुविधा है। सिंगल डोनर प्लेटलेट्स 12 सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध हैं और ये डेंगू के योग्य मरीज़ों और सरकारी अस्पतालों में रेफर किए गए गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को मुफ़्त में दिए जाते हैं।
डॉ मिश्रा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने ब्लड सेंटर्स के लिए हरियाणा का पहला आपदा प्रबंधन प्लान भी बनाया है। यह पहल ब्लड की सुरक्षा को मज़बूत करने और आपातकालीन स्थितियों व आपदाओं के दौरान तैयारी सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है। ब्लड कलेक्शन में खास अभियानों ने अहम भूमिका निभाई है। पूरे राज्य में चलाए गए ब्लड डोनेशन अभियान से 10,183 यूनिट ब्लड इकट्ठा हुआ, जबकि गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस की 350वीं वर्षगांठ से जुड़े अभियानों में 40,224 यूनिट ब्लड इकट्ठा किया गया। ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’ के तहत महिलाओं पर केंद्रित पहल भी की गईं।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा ब्लड और ब्लड कंपोनेंट्स की “सुरक्षित, समान, सुलभ और समय पर” सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नियमित, बिना पैसे लिए ब्लड डोनेट करने वाले वॉलंटियर्स से डोनेशन जारी रखने और दूसरों को भी इसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने हेल्थ सर्विसेज़ के डायरेक्टर जनरल डॉ. मनीष बंसल, हरियाणा स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूज़न सर्विसेज़ की मेंबर सेक्रेटरी-कम-प्रोजेक्ट डायरेक्टर (एड्स) डॉ. मुक्ता कुमार और राज्य की ब्लड सेफ्टी टीमों को भी बधाई दी। डॉ. मिश्रा ने कहा कि असली सेवा का पैमाना वह बदलाव है जो यह चुपचाप लोगों की ज़िंदगी में लाती है। उन्होंने कहा कि राज्य वॉलंटरी ब्लड डोनेशन और सुरक्षित ब्लड ट्रांसफ्यूज़न सर्विसेज़ को मज़बूत करना जारी रखेगा।
