सिखी के प्रचार-प्रसार और सेवा की शाश्वत परंपरा का प्रतीक है गौलीगुड़ा गुरुद्वारा साहिब: कालका
हैदराबाद, 21 सितंबर 2026
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने आज यहां बताया कि तेलंगाना सिख सोसाइटी द्वारा सेंट्रल गुरुद्वारा साहिब, गौलीगुड़ा, हैदराबाद के 100 वर्ष पूरे होने की खुशी में आयोजित विशेष समारोह में शामिल होने का उन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ। कालका ने कहा कि इस पवित्र अवसर पर सिंह साहिब संत बाबा कुलवंत सिंह जी, जत्थेदार तख्त श्री अबचल नगर हजूर साहिब तथा बाबा बलविंदर सिंह जी लंगर साहिब वालों सहित संगत के दर्शन करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि महान संतों-महापुरुषों की उपस्थिति और संगत का प्यार इस ऐतिहासिक समारोह की आध्यात्मिक महत्ता को और बढ़ाता है।
उन्होंने कहा कि गौलीगुड़ा का यह ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पिछले 100 वर्षों से हैदराबाद और तेलंगाना में सिखी के प्रचार-प्रसार, गुरबाणी, सेवा और लंगर की महान परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि एक सदी का यह सफर सिख संगत की गुरु घर के प्रति अटूट श्रद्धा, सेवा-भावना और एकजुटता का प्रतीक है। कालका ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब केवल इबादत के स्थान ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा, भाईचारे की भावना और गुरु साहिबान के सरबत के भले के संदेश को समाज तक पहुंचाने के केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि गौलीगुड़ा गुरुद्वारा साहिब की एक सदी की सेवा आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
कालका ने तेलंगाना सिख सोसाइटी और गुरुद्वारा साहिब की प्रबंधक कमेटी द्वारा उन्हें दिए गए प्यार, सम्मान और गर्मजोशी से किए गए स्वागत के लिए सभी प्रबंधकों और संगत का दिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि संगत की ओर से मिला प्यार और सम्मान उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाली सिख संगत द्वारा अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संभालने के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं और इनसे सिख समुदाय की आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों और गौरवमयी विरासत से जोड़ने में और मजबूती मिलती है।
