हरियाणा,पंचकूला(Patarkar Desk)-88.5 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के मामले में CBI की विशेष अदालत ने देव धन राज एग्री प्रोडक्ट्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राजीव कुमार गर्ग को दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी और कंपनी पर 25,25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह मामला वर्ष 2012 में बैंक से ली 46 करोड़ रुपये के लोन सुविधा से जुड़ा है।
नकली बिक्री बिल और दस्तावेज तैयार करने का आरोप
CBI के अनुसार कंपनी ने स्टॉक विवरण में देनदारों की कीमत बढ़ाकर और लेनदारों की राशि कम बताई। कंपनी पर आरोप था कि निदेशक के माध्यम से कर्मचारियों ने फर्जी बिक्री बिल, बिल्टियां और डिलीवरी नोट तैयार किए, जबकि संबंधित संस्थाओं के साथ सही कारोबार नहीं हुआ था। बैंक के करीब 79.5 करोड़ रुपये के नुकसान की बात CBI ने अदालत में रखी। आदेश में दर्ज है कि 31 जनवरी 2026 तक बैंक की बकाया राशि करीब 88.5 करोड़ रुपये थी।
9.5 करोड़ के समझौते से आपराधिक जिम्मेदारी खत्म नहीं
सुनवाई के दौरान बैंक और कंपनी के बीच एकमुश्त समझौता योजना के तहत 24 जुलाई 2026 को 9.5 करोड़ रुपये जमा किए गए। बैंक ने इसे पूरे बकाये के अंतिम निपटारे के रूप में स्वीकार किया। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि बैंक से समझौता होने से धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की आपराधिक जिम्मेदारी समाप्त नहीं |
