दिल्ली, 21 अगस्त 2026
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को करीब 9 साल पुराने मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने अखंड कीर्तनी जत्था को प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जोड़ने संबंधी कथित टिप्पणी के मामले में ट्रायल रोकने से इनकार कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान सुखबीर बादल ने एकेसी के संबंध में बीकेआई से जुड़े होने का दावा किया था और रजिंदरपाल को संगठन का जनरल सेक्रेटरी बताया था। इसके बाद रजिंदरपाल सिंह ने मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें ट्रायल कोर्ट में चल रही आपराधिक मानहानि की कार्यवाही रद्द करने की मांग खारिज कर दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब चंडीगढ़ की निचली अदालत में सुखबीर बादल के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा जारी रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पंजाब की सियासत में फिर गरमाहट बढ़ने के आसार है
