चंडीगढ़, 12 जुलाई 2026
पंजाब कांग्रेस में क्लेश खत्म होने का नाम नहीं ले रहा पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कैंपेन कमेटी के चेयरमैन के पद से अस्तीफे की पेशकश कर दी है चन्नी ने बीते दिन पंजाब कांग्रेस इंचार्ज भूपेश बघेल के साथ हुई बैठक में ये बात कही की वह पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर ही प्रचार कर लेंगे खबरें ये भी है की कांग्रेस हाईकमान भूपेश बघेल से भी नाराज़ है क्योंकि उन्हें पंजाब कांग्रेस मे चल रहे अंदरूनी क्लेश को कम करने के लिए भेजा गया था लेकिन वह इसे ज्यादा हवा दे गए क्योंकि चन्नी ग्रुप में प्रताप बाजवा, प्रगट सिंह और सुखजिंदर रंधावा सहित कई बड़े नेता शामिल है जिसे बघेल ने सीरियस नहीं लिया और पांच दिन में भूपेश बघेल गुटबाजी कम नहीं करवा सके और न ही राजा वडिंग और चन्नी ग्रुप को इकट्ठा कर सके जिससे हाईकमान खफा है
बघेल की भी रावत की तरह हो सकती है छुट्टी?
बता दे की 2021 में हरीश रावत पंजाब कांग्रेस के इंचार्ज थे तब उनकी रिपोर्ट के बाद हाईकमान ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाकर चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया था और नवजोत सिद्धू को प्रधान लेकिन सिद्धू ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था जिसके बाद हरीश रावत को हटाकर कांग्रेस हाईकमान ने हरीश चौधरी को इंचार्ज बनाकर भेजा था उसके बावजूद भी कांग्रेस में गुटबाजी खत्म नहीं करवा सके जिसका खामियाजा कांग्रेस को 2022 में 18 सीट पर सिमट के रह गई और ऐसा माना जा रहा है की अगर पंजाब कांग्रेस में क्लेश बढ़ता रहा तो भूपेश बघेल की भी छुट्टी हो सकती है
चन्नी ग्रुप बघेल का कर चुका विरोध!
भूपेश बघेल की तरफ से हाईकमान को पंजाब की स्थिति के बारे में सही रिपोर्ट नहीं दी गई जिसे लेकर चन्नी ग्रुप ने विरोध दर्ज करवाया था और कहा था कि हाईकमान को पंजाब को लेकर गुमराह किया जा रहा है वहीं प्रगट सिंह ने बघेल को साफ कहा की उनके इंटरव्यू में जो कहा जा रहा है इसकी बजाय वह कांग्रेस को इकट्ठा करने की तरफ ध्यान देना चाहिए
