न्यूज डेस्क, 04/03/2026
ईरान में अमेरिका और इजराइल के भीषण हमलों के बीच युद्धग्रस्त देश में कई भारतीय छात्र फंसे हैं. छात्र संगठनों ने मंगलवार को कहा कि ईरान के उर्मिया में ताजा एयरस्ट्राइक से यहां फंसे भारतीय छात्रों में घबराहट फैल गई है और उन्होंने उन्हें सुरक्षित जगहों पर भेजने की मांग की है.
जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने कहा कि उर्मिया में छात्रावास (Dormitory) से लगभग 300 मीटर दूर नया हमला हुआ, जहां भारतीय छात्र रह रहे हैं, जिससे उनमें घबराहट फैल गई.
उन्होंने कहा, “धमाका इतना जोरदार था कि पूरी बिल्डिंग हिल गई, जिससे डर और गहरी निराशा फैल गई. जमीन पर हालात बहुत तनावपूर्ण और अस्थिर हैं. उन्होंने (छात्रों ने) हमें बताया है कि लगभग हर घंटे फाइटर जेट की आवाज सुनी जा सकती है, जिससे लगातार डर और अनिश्चितता का माहौल बना रहता है.”
23 फरवरी को, तेहरान में भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों, जिनमें छात्र, तीर्थयात्री, बिजनेसमैन और पर्यटक शामिल हैं, को कमर्शियल फ्लाइट समेत ट्रांसपोर्ट के मौजूद साधनों का इस्तेमाल करके बिना देर किए ईरान छोड़ने की सलाह दी थी. अभी, लगभग 1200 भारतीय छात्र, जिनमें अधिकांश MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं, ईरान में फंसे हुए हैं, जहां इजराइल और अमेरिका 28 फरवरी से ताबड़तोड़ बमबारी कर रहे हैं, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई मारे गए.
विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी के बाद भारतीय छात्र ईरान छोड़ना चाहते थे. लेकिन पूर्व निर्धारित परीक्षा और 5 मार्च को होने वाले प्री-इंटर्नशिप एग्जाम के कारण फंस गए, क्योंकि अधिकारियों ने इन परीक्षाओं को टालने से मना कर दिया था.
छात्र संगठन JKSA ने विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से आग्रह किया कि जब तक पूरी तरह से निकासी अभियान शुरू नहीं हो जाता, तब तक भारतीय छात्रों को सुरक्षित जगहों पर भेजने के लिए तत्काल जरूरी कदम उठाए जाएं.
ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद मोमिन खाना ने भी अधिकारियों से उर्मिया यूनिवर्सिटी से भारतीय छात्रों को सुरक्षित जगहों पर भेजने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, “अचानक हुई इस जंग से भारतीय छात्रों और उनके परिवारों, खासकर कश्मीर के छात्रों की चिंता बढ़ गई है, जो इस घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं. कई छात्रों ने अपनी सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता जताई है और अधिकारियों से सुरक्षित जगह पर जाने के लिए तुरंत अपील कर रहे हैं.”
ईरान पर 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरानी सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई मारे गए. जवाबी हमले करते हुए, ईरान इजराइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलें दाग रहा है.
